कौन क्या बनेगा, सब तय है, बच्चों पर दबाव न डालें: गहलोत

  • कोटा में कोचिंग छात्रों के आत्महत्या के मामलों पर सीएम ने जताई चिंता

कोटा/जयपुर. शिक्षा नगरी कोटा में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को गहरी चिंता व्यक्त की।
जयपुर के कृषि अनुसंधान केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि आठ महीने में 20 बच्चों ने आत्महत्या कर ली। यह हम सबके चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने काह, मैं खुद बचपन में डॉक्टर बनना चाहता था, रात के 2-3 बजे तक पढ़ाई करता था, लेकिन सफल नहीं हुआ। लेकिन, मैंने हिम्मत तो नहीं हारी, मैंने अपनी राह बदली, सामाजिक कार्यकर्ता बना, राजनीति में आया , केंद्रीय मंत्री बना, मुख्यमंत्री बना। बच्चों को वह बनने दें जो वे बनना चाहते हैं। परिवार को बच्चों पर दबाव नहीं डालना चाहिए।
सबका फिक्स है कि किसको क्या करना है और क्या बनना है। लेकिन अभी किसी को नहीं मालूम। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सीएम बनूंगा, मैं केंद्रीय मंत्री बनूंगा लेकिन मुझे सभी पद मिले। बच्चों पर इतना दबाव है कि यह एक गंभीर स्थिति है। उनकी काउसलिंग अच्छे से होनी चाहिए।

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