कोटा: आसमान में पतंगें, जमीं पर दान-पुण्य और सेवा

कोटा. शहर में सूर्यदेव के उत्तरायण में जाने तथा फसलों के पकने का उत्सव मकर संक्रांति धूमधाम से मनाया गया। इस दिन लोगों ने जमकर परम्परागत खेल खेले तो दान-पुण्य और सेवा कार्य भी ख्ूाब किए। शहर में कई जगह सामाजिक संस्थाओं, क्लब व अन्य संगठनों द्वारा सड़कों पर गुजर-बसर करने वाले निर्धन व जरुरतमंदों को कम्बल वितरित किए गए। तिल के लड्डू वितरित किए गए। यही नहीं शहर के पुराने इलाकों में सुबह से ही लोग छतों पर आ गए। छतों पर स्पीकर्स लगाकर फिल्मी गीत बजाए और खूब पतंगे उड़ाई।

आसमान में बड़ी संख्या में पतंगे नजर आई। लोगों ने एक दूसरे के पेच काटने के बाद ये-काटा, कट्ट है भी बोला। धूप अच्छी होने तथा हवा ज्यादा तेज नहीं होने के कारण ज्यादातर शहरवासी छतों पर शाम साढ़े पांच बजे तक रहे। इसके बाद भी पतंगबाजी के शौकीन लोगों ने अंधेरा होने के बाद लैंप जलाए और आसमान में छोड़े। कई इलाकों में आतिशबाजी भी की गई। इसके साथ ही महिलाओं ने दिनभर मकर संक्रांति पर पूजा कर अन्य महिलाओं को सोलह शृंगार की वस्तुएं व तिल की मिठाइयां भेंट की। सोशल मीडिया पर भी संक्रांति की बधाइयों का दौर चलता रहा।

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