जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फहराया तिरंगा

जयपुर. आज स्वतंत्रता दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह जयपुर में सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में मनाया गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सुबह 9 बजे अमर जवान ज्योति पर शहीदों को नमन किया। पुष्प चक्र अर्पित किया। सुबह करीब 9.05 बजे गहलोत SMS स्टेडियम पहुंचे। यहां झंडा फहराने के बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया।

गहलोत ने SMS स्टेडियम में संबोधन में PM मोदी के रेवड़ी वाले बयान पर कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को रेवड़ी कहना गलत है। विदेशों में बुजुर्गों को वीकली पैसा मिलता है।

हमें सामाजिक सुरक्षा पर तो जोर देना ही होगा। राजस्थान में सामाजिक क्षेत्र में अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। राजस्थान सरकार की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। CM ने कहा- हम गौ माता को लंपी से बचाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। गौ माता बच जाएं, इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।

युवा पीढ़ी याद रखे, स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं
मुख्यमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के 75 वर्ष और 76वें स्वाधीनता दिवस समारोह पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश भी दिया। बोले- ‘स्वाधीनता दिवस का अमृत महोत्सव युवा पीढ़ी को समर्पित होना चाहिए। आजादी के वक्त जहां देश में सुई नहीं बनती थी, आज देश कहां तक आ पहुंचा है। यह युवा पीढ़ी को पता होना चाहिए। देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं। देश को आजाद कराने में जो शहीद हुए हैं, युवा पीढ़ी उन्हें याद रखे।’

‘सीएम रहते 14वीं बार तिरंगा फहराना गौरव की बात’
उन्होंने कहा, ‘आज मैंने 14वीं बार तिरंगा फहराया है, मेरे लिए यह गर्व की बात है। प्रदेशवासियों ने मुझे इसका मौका दिया है। मैंने भी गरीब को गणेश मानकर काम किया है और आगे भी करेंगे। महात्मा गांधी ने कहा था समाज के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति का हित देखकर फैसला करो, उसी रूप में हमारी सरकार गरीब के लिए काम कर रही है।’

मैंने भी बड़े-बड़े सपने देखे हैं, रिफाइनरी और ERCP मेरा सपना
अपने संबोधन में CM बोले- ‘राजस्थान में कुछ लोगों की अभी नींद उड़ी हुई है। इस बार मानसून अच्छा आया है, खुशनुमा माहौल है। यह खुशनुमा माहौल लोगों के दिलों में भी हो। यही खुशनुमा माहौल सभी प्रदेशवासी दिलों में उतार लें। हमने कोई कमी नहीं रखी है। मैंने भी बड़े-बड़े सपने देखे हैं, मैंने रिफाइनरी का सपना देखा था। बीच में सरकार बदल गई, तो उसका काम रुक गया, लेकिन हमने लड़ाई लड़ी। रिफाइनरी का काम फिर से शुरू हुआ है। 13 जिलों की नहर परियोजना ERCP भी हमारा सपना है। हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दें।’

धर्म के नाम पर देश की बात करने वाले पाकिस्तान को देख लें
आज भी छुआछूत की घटनाएं सामने आना समाज पर कलंक हैं। धर्म की बात करने वाले इसे मिटाने के लिए अभियान चलाएं। जो धर्म के नाम पर देश बनाने वाले पाकिस्तान का उदाहरण देख लें। मुस्लिम धर्म के नाम पर अलग पाकिस्तान बना, लेकिन उसके भाषा के नाम पर दो टुकड़े हो गए। धर्म के नाम पर देश की कल्पना करने वाले और एक धर्म की बात करने वाले पहले पाकिस्तान का उदाहरण देख लें। पाकिस्तान एक धर्म होने के बावजूद बांग्लादेश बन गया।

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