REET की लेवल-2 परीक्षा निरस्त, अब 62 हजार पदों पर होगी शिक्षक भर्ती

जयपुर. राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) की लेवल-2 परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में यह घोषणा करते हुए कहा कि लेवल-1 की परीक्षा निरस्त नहीं होगी। लेवल प्रथम के 15500 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी रहेगी।

गहलोत ने कहा कि लेवल वन और टू मिलाकर को पहले 32 हजार शिक्षकों की भर्ती की जानी थी, लेकिन अब इसमें 30 हजार और मिलाएंगे तो कुल 62 हजार पदों पर भर्तियां होंगी। लेवल-2 की जो परीक्षा निरस्त हुई है, वह अगस्त तक होने की संभावना है। गौरतलब है कि रीट पेपर लीक होने के बाद से ही भाजपा लगातार परीक्षा निरस्त करने को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही थी। राज्य के कई स्थानों पर छात्र भी बड़ी संख्या में परीक्षा में हुई कथि धांधली के कारण सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।

किसी को कोई शंका नहीं रहे, इसलिए किया यह फैसला
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि वह इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला नहीं करना चाहते थे। एसओजी की जांच में भी सामने आया है कि केवल 300 लोगों को ही रीट पेपर लीक मामले का फायदा हुआ है, फिर भी परीक्षार्थियों के परिवार वालों को कोई शंका नहीं रहे इसके लिए परीक्षा रद्द की गई है। अब नए सिरे से लेवल 2 की परीक्षा होगी। हमारी सरकार हर दोषी को सजा दिलाकर युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित करेगी। युवा निश्चिंत रहें, प्रदेश सरकार उनके हित में पूरी तरह साथ है। रीट परीक्षा में गड़बड़ी की जांच एस ओ जी कर रही है।

कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगी तारीख की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जस्टिस व्यास की अध्यक्षता वाली कमेटी की 15 मार्च तक रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट मिलते ही एग्जाम की तारीख बता देंगे। विधानसभा सत्र में कड़ा कानून लेकर आएंगे।

आजीवन रहेगी रीट प्रमाण पत्र की वैलिडिटी
मुख्यमंत्री ने घोषणा है कि अब रीट प्रमाण पत्र की वैलिडिटी आजीवन रहेगी। इससे पहले रीट के सर्टिफिकेट की वेलिडिटी 3 साल थी। जिसे लेकर अभ्यर्थियों ने काफी विरोध भी जताया था। तीन साल से रीट एग्जाम न होने के चलते रीट 2018 के 2.53 लाख रीट प्रमाण पत्रों की वैधता 31 जुलाई 2021 को खत्म हो गई थी।

‘फ्रस्टेशन में है बीजेपी, उसकी हरकतों से हम तंग आ गए ’
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आम जनता हमारे फैसलों से खुश है। इस कारण भाजपा को तीन साल के कांग्रेस के शासन से फ्रस्ट्रेशन हो गया है। अब तो बीजेपी हाईकमान भी स्थानीय इकाई को कह रहा है कि आप कर क्या रहे हो? नॉन इश्यू को इश्यू बनाने का बीजेपी ने धंधा खोलकर रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं।

यह देखने की जरूरत है कि पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? इसे रोकना चाहिए। पूरे देश में पेपर लीक करने वाला गिरोह सक्रिय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस फैसले से खुश नहीं हैं, लेकिन भाजपा की हरकतों से तंग आ गए हैं। जिस तरह का माहौल बनाया है, वह राज्य के लिए ठीक नहीं है। हमने बच्चों के भविष्य के लिए यह फैसला किया है।

अब तक 42 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई, 38 लोग गिरफ्तार
इस बीच, राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एसओजी ने अपने निगरानी तंत्र के माध्यम से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई प्रारंभ की। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 26 सितम्बर 2021 को आयोजित रीट परीक्षा के बाद कुल 42 अधिकारियों-कार्मिकों को निलंबित एवं बर्खास्त तक किया जा चुका है।

एसओजी ने निष्पक्ष रूप से कार्य करते हुए अल्प समय में ही यह पता किया कि प्रश्न-पत्र कहां से लीक हुआ और इसमें प्रथम दृष्टया कौन-कौन लोग लिप्त थे। अब तक कुल 38 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 14 अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इस मामले में 1 करोड़ 16 लाख रुपए की रिकवरी की गई है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के तत्कालीन अध्यक्ष डीपी जारौली को बर्खास्त किया गया है।

मेरिट के आधार पर होगी नियुक्ति
राज्य सरकार ने निर्णय किया है कि रीट की परीक्षा के लेवल-प्रथम में किसी प्रकार की कोई पेपर लीक या अन्य किसी प्रकार की घटना प्रकाश में नहीं आई है। साथ ही, इसके माध्यम से शिक्षक भर्ती के करीब 15 हजार 500 पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जानी हैं। ऐसे में बेरोजगार युवाओं एवं अभ्यर्थियों के हित में नियुक्तियां शीघ्र देने के लिए इन पदों को शीघ्र भरा जाए। यह भी निर्णय किया गया कि इस वर्ष रीट लेवल-प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी। उन्हें नियुक्ति के लिए शिक्षक भर्ती की अन्य परीक्षा नहीं देनी होगी।

कैबिनेट ने विद्यालयों में रिक्त पद भरने, शिक्षा में गुणवत्ता तथा युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय किया कि रीट परीक्षा-2022 के माध्यम से होेने वाली भर्ती में पदों की संख्या को 20 हजार से बढ़ाकर अब 30 हजार किया जाए। इसमें रीट-2021 के लेवल द्वितीय के 16 हजार 500 पद जोड़ते हुए अब कुल 46 हजार 500 पदों के लिए रीट-2022 का आयोजन इस वर्ष जुलाई माह में किया जाना प्रस्तावित है। इससे रीट परीक्षा-2021 के लेवल द्वितीय के अभ्यर्थियों तथा जो विद्यार्थी अभी बीएसटीसी और बीएड का अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें भी परीक्षा में बैठने का अवसर मिल सकेगा। बीएसटीसी करने वाले विद्यार्थियों का परिणाम जून माह में आने की संभावना है।

रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच हो: भाजपा
भाजपा ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने रीट परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया है लेकिन पार्टी की मांग है कि रीट पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करवाई जाए। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने सोमवार को कहा कि भाजपा की यह मांग शुरूआत से है और अभी भी है और आगे भी रहेगी कि रीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए।

उन्होंने कहा कि इस परीक्षा पेपर लीक मामले में जिनकी भी संदिग्ध भूमिका है सभी की जांच होनी चाहिए और दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए। इस मामले में सभी गुनहगार जेल जाने चाहिए, इसलिए रीट के मामले की सीबीआई से जांच कराना जरूरी है। हमारी यह भी मांग है कि सरकार अपने निर्णय अनुसार रीट के 62 हजार पदों की भर्ती जारी रखे, ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।

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