कोरोना: देश में 24 घंटे में 2.35 लाख नए केस, 871 की मौत

नई दिल्ली. देश में शुक्रवार को 2 लाख 35 हजार 532 नए कोरोना संक्रमित मिले। इस दौरान 3.35 लाख लोग ठीक हुए, जबकि 871 लोगों की मौत हुई। इससे एक दिन पहले गुरुवार को 2,51,209 लोग संक्रमित मिले थे और 627 लोगों की मौत हुई थी। पिछले दिन के मुकाबले 15,677 कम संक्रमित मिले हैं यानी नए केस में 6% की कमी देखी गई है।

इस बीच, शुक्रवार को पॉजिटिविटी रेट घटकर 13.39% हो गया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को पॉजिटिविटी रेट 15.88% था। पिछले 8 दिनों से नए केस में लगातार गिरावट देखी जा रही है। तीसरी लहर के दौरान 20 जनवरी को सबसे ज्यादा 3.47 लाख नए केस मिले थे। फिलहाल देश में एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 20.04 लाख है। महामारी की शुरुआत से अब तक देश में करीब 4.08 करोड़ लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

  • कुल कोरोना केस: 4,08,57,922
  • कुल रिकवरी: 3,83,49,059
  • कुल मौतें: 4,93,195

केंद्र सरकार शनिवार को 5 राज्यों में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मद्देनजर कोरोना की स्थिति, सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और उपायों की समीक्षा करेंगे। केंद्रीय मंत्री शनिवार दोपहर करीबी 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करेंगे।

राजस्थान में नए संक्रमितों की संख्या में कमी
यहां शुक्रवार को 8,125 नए केस सामने आए, जबकि 14,884 लोग ठीक हुए और 21 लोगों की मौत हुई। इससे पहले गुरुवार को 9,227 नए केस सामने आए थे और 20 लोगों की मौत हुई थी। अब तक राज्य में 11.79 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 10.89 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 9,202 लोगों की मौत हो गई। यहां एक्टिव केस 80,488 हैं।

राजस्थान सरकार ने फरवरी महीने से स्कूलों को खोलने का फैसला लिया है। शुक्रवार को जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, क्लास 10 से 12 तक के स्कूल 1 फरवरी से और क्लास 6 से 9 तक के स्कूल 10 फरवरी से खोले जाएंगे।

Nasal Vaccine के ट्रायल की मंजूरी
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को ट्रायल की मंजूरी दे दी है। नेजल वैक्सीन यानी नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन। ये ट्रायल देशभर में होगा। अगर ट्रायल में वैक्सीन असरदार साबित हुई तो इसका इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर किया जाएगा।

कर्नाटक ने बढ़ाई टेंशन
कोरोना का नया एपीसेंटर कर्नाटक भी सभी को चिंता में डाल गया है। वहां पर रोज के 35 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। मौतें भी अब ज्यादा होने लगी हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि वहां पर ओमिक्रॉन का खतरा कम है। आंकड़े बताते हैं कि कर्नाटक में मामले जरूर ज्यादा आ रहे हैं, लेकिन उसका कारण ओमिक्रॉन ना होकर डेल्टा वैरिएंट ही है। जिस वैरिएंट ने देश में कोरोना की भयंकर दूसरी लहर ला दी थी, कर्नाटक में अभी भी वही वैरिएंट ज्यादा सक्रिय चल रहा है।

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