मुकुंदरा की सेल्जर घाटी में अगले माह लाए जाएंगे बाघ-बाघिन, जंगल सफारी का रुट तय

कोटा. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व व रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को लेकर नई दिल्ली में मंगलवार को संसद भवन स्थित अपने कक्ष में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, सांसद ओम माथुर तथा दीया कुमारी की उपस्थिति में केंद्र और राज्य के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में चर्चा होने के बाद मुकुंदरा में अप्रेल के प्रारंभ में बाघ छोड़ने का निर्णय लिया गया, ताकि माह के अंत तक यहां जंगल सफारी भी प्रारंभ हो जाएगी।

बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व का नोटिफिकेशन भी अगले माह जारी हो सकता है। बिरला की बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुकुंदरा में बाघ छोड़ने के लिए एनटीसीए की अनुमति मिल गई है। इस बार बाघ को सेल्जर क्षेत्र में बनाए गए एन्क्लोजर में छोड़ा जाएगा। पर्याप्त प्रे-बेस तैयार करने के वहां 500 चीतल छोड़ने का लक्ष्य है। अप्रेल माह में 150 चीतल छोड़े जाएंगे।

राज्य के अधिकारियों ने बताया कि इस बार मुकुंदरा में बाघों को लेकर एनटीसीए के प्रत्येक निर्देश की पालना कर रहे हैं, वहीं एनटीसीए के अधिकारियों ने भी आश्वस्त किया कि मुकुंदरा में जैसे-जैसे प्रे-बेस बढ़ेगा, वहां और बाघों को लाने की अनुमति जारी कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि मुकुंदरा में जंगल सफारी प्रारंभ करने के लिए रथकांकरा, कोलीपुरा, दरा सहित पांच मार्गों को स्वीकृति दे दी गई है। सफारी के लिए उपयोग में आने वाले वाहनों का पंजीकरण जल्द प्रारंभ कर दिया जाएगा। अप्रैल के अंत तक मुकुंदरा में सफारी प्रारंभ कर दी जाएगी।

विस्थापन के लिए कैम्पा कोष से राशि मिलेगी
बैठक में मुकुंदरा में स्थित गांवों को लेकर भी चर्चा हुई। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि मशालपुरा गांव के विस्थापन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। उन्होंने गिरधरपुरा और दामोदरपुरा गांव के विस्थापन के लिए केंद्र से 100 करोड़ रूपए की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि प्रस्ताव का अध्ययन करवाकर कैंपा कोष से राशि जल्द से जल्द उपलब्ध करवा दी जाएगी।

घड़ियाल अभ्यारण्य के रेशनलाइजेशन के लिए वन विभाग तैयार
कोटा में घड़ियाल अभ्यारण्य के एक किमी की सीमा में निर्माण तथा विकास कार्यों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। स्पीकर बिरला ने कहा कि इस एक किमी सीमा में अब बड़ी संख्या में राजकीय व निजी भवन बन चुके हैं। यह सीमा अब युक्तिसंगत नहीं रह गई है। इस पर राज्य के अधिकारियों ने कहा कि यदि नगर विकास न्यास उनके पास आवेदन करता है तो वे घड़ियाल अभ्यारण्य के रेशनलाइजेशन को तैयार हैं।

चीता लाने पर भी सैद्धांतिक सहमति
मुकुंदरा में चीता लाने की योजना पर एक बार फिर से काम शुरू होगा। बैठक में केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि वे ट्रायल बेसिस पर मध्य प्रदेश के साथ मुकुंदरा में भी चीता लाने को तैयार हैं। बिरला ने कहा कि इस बारे में अब राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात कर प्रदेश की स्वीकृति प्राप्त करने के भी प्रयास किए जाएं।

रामगढ़ में भी एनक्लोजर तैयार
रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभ्यारण्य के टाइगर रिजर्व बनने का नोटिफिकेशन भी अगले माह जारी होने की संभावना को देखते हुए वहां भी अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रामगढ़ में एनक्लोजर तैयार हो चुका है तथा वहां 150 से अधिक वन्यजीवों को प्रे-बेस के तौर पर छोड़ा जा रहा है। क्षेत्र में एक बाघिन भी घूम रही है, जिसकी शिफ्टिंग की भी योजना बनाई जा रही है।

बैठक में यह उपस्थित रहे
बैठक में महानिदेशक वन सीपी गोयल, एनटीसीए अतिरिक्त महानिदेशक एसपी यादव, अतिरिक्त महानिदेशक वन बी. रंजन, वन मंत्रालय के संयुक्त सचिव तन्मय कुमार, राजस्थान चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन अरिंदम तोमर, कोटा मुख्य वन्यजीव संरक्षक सेडूराम यादव, लोकसभा संयुक्त सचिव सिद्धार्थ महाजन और लोकसभा अध्यक्ष ओएसडी राजीव दत्ता उपस्थित रहे।

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