Kota: व्यापारी को इंटरनेशनल कॉलिंग के जरिए धमकी देने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, उदयपुर जैसी घटना करने की दी थी धमकी

कोटा. उदयपुर जैसा हाल करने की धमकी देने वाले तीन बदमाशों को कोटा शहर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के लिए ये मामला बेहद संवेदनशील था, लेकिन पुलिस को मामले में सफलता मिली। ये लोग कोई और नहीं व्यापारी की दुकान पर काम करने वाला एक लड़का और पास की दुकान पर काम करने वाले निकले।

शहर पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि बोरखेड़ा के रहने वाले साड़ियों के व्यापारी सुरेश चावला को इंटरनेट कॉल कर उदयपुर कांड जैसा हाल करने की धमकी दी गई थी। कोटा पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता है क्योंकि कॉल ऐप के जरिए इंटरनेट से किया गया था और 2 देशों के सर्वर से होकर कॉल आया था। साइबर टीम इसके खुलासे के लिए लगातार लगी रही जिसके बाद आरोपियों तक पहुंच सकी। आरोपियों में एक व्यापारी की दुकान का ही कर्मचारी है और धमकी सिर्फ इसलिए दी गई क्योंकि आरोपी व्यापारी को सिर्फ परेशान देखना चाहते थे।

तकनीकी जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची
एसपी केसर सिंह ने बताया कि 14 जुलाई को बजरंग नगर के रहने वाले सुरेश चावला को इंटरनेट कॉल के जरिए दो बार कॉल कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उदयपुर जैसा हाल करने की धमकी दी गई। सुरेश ने थाने में शिकायत की जिसके बाद उसकी सुरक्षा के लिए 2 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई, साथ ही मामले की जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच के बाद पुलिस तीन आरोपी तक पहुंची।

तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद दीपक सोनेजा, प्रशांत कुकरेजा और हितेश मखीजा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि तीनों ही आरोपी दुकानों पर काम करते हैं। इनमें एक आरोपी दीपक सुरेश चावला की दुकान पर ही काम करता है जबकि दो अन्य सुरेश चावला की दुकान के सामने स्थित दुकानों पर काम करते हैं।

व्यापारी को परेशान करना चाह रहे थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि जिस समय व्यापारी को धमकी दी गई उसमें उदयपुर कांड को लेकर दहशत का माहौल था। जगह-जगह से धमकी भरे कॉल जैसी खबरें आ रही थी। इन्हीं के चलते तीनों आरोपियों ने प्लानिंग की कि सुरेश चावला को उदयपुर कांड जैसी धमकी देकर डराया जाए। इसके बाद आरोपियों ने एक ऐप का उपयोग किया और इंटरनेट कॉल कर व्यापारी को धमकी दी ताकि तीनों को पकड़ा ना जा सके।

लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी सर्वर से जानकारी जुटाई और उसके बाद आरोपियों तक पहुंची। पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी सुरेश चावला के साथ किसी तरह की कोई वारदात नहीं करना चाहते थे बल्कि उसे परेशान और दुखी होता हुआ देखना चाहते थे। आरोपियों ने बताया कि धमकी मिलने के बाद सुरेश चावला किस तरह व्यक्त करता है और किस तरह से अपना काम कर पाता है उन्हें सिर्फ यही देखना था। वह सुरेश को परेशान और दुखी देखना चाहते थे, इसी को लेकर उन्होंने पूरी वारदात को अंजाम दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *