कोटा में कल से सुबह 8 बजे से 9 बजे तक होगी बिजली कटौती

  • बिजली की उपलब्धता में कमी से अब पूरे राज्य में बिजली कटौती का फैसला
  • आवश्यक सेवाएं रहेंगी बिजली कटौती से मुक्त
  • उद्योगों में बिजली खपत 50 प्रतिशत तक सीमितकरने के निर्देश

कोटा/जयपुर. राज्य में खपत की तुलना में कम मात्रा में बिजली उपलब्ध होने से कोटा समेत पूरे राजस्थान में गुरुवार से बिजली कटौती की व्यवस्था लागू की गई है। उर्जा मंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय किया गया। आवश्यक सेवाओं जैसे, अस्पताल, ऑक्सीजन सेंटर, पेयजल आपूर्ति व मिलिट्री इंस्टालेशन आदि को बिजली कटौती से पूर्णतया मुक्त रखा जाएगा।

राज्य के संभागीय मुख्यालयों पर एक घंटा, जिला मुख्यालयों पर दो घंटे, नगरपालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में 3 घंटे विद्युत कटौती करने का निर्णय किया गया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर संभागीय मुख्यालयों पर सुबह 7 बजे से 8 बजे तक एवं कोटा, भरतपुर, बीकानेर एवं उदयपुर मुख्यालयों पर सुबह 8 से 9 बजे तक कटौती की जाएगी। इसी तरह जिला मुख्यालयों पर सुबह 6.30 बजे से 8.30 बजे तक एवं नगर पालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक बिजली कटौती का समय निर्धारित किया गया है।

यथासंभव सुबह (6 बजे से 12 बजे) चलने वाले सभी कृषि आपूर्ति ब्लॉक को रात्रि में शिफ्ट किया जाएगा। कृषि आपूर्ति ब्लॉक के समय को 6 घंटे से घटाकर 5 घंटा किया जाएगा। सभी औद्योगिक उपभोक्ताओं को शाम 6 बजे से 10 बजे तक अपने विद्युत उपभोग को 50 प्रतिशत तक सीमित करने के निर्देश दिए गए। जहां कटौती करना प्रस्तावित है उसकी सूचना यथासंभव सभी उपभोक्ताओं को पूर्व में दी जाएगी। डिस्कॉम चेयरमैन व प्रबंधक निदेशक की ओर से इस संबंध में अलग से आदेश जारी किया है, जो 28 अप्रैल से प्रभावी होगा।

राज्य को 35 प्रतिशत कम मिल रही बिजली
ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां विद्युत भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश में बिजली की मांग एवं उपलब्धता की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में प्रमुख शासन सचिव उर्जा एवं अध्यक्ष डिस्कॉम्स भास्कर ए. सावंत, उर्जा सलाहकार एके गुप्ता समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष माह अप्रैल में बिजली की मांग में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

साथ ही पीक डिमांड भी 22 प्रतिशत बढ़कर 14200 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस माह बिजली की खपत 3000 लाख यूनिट प्रतिदिन के स्तर पर पहुंच चुकी है। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन लगभग 480 लाख यूनिट बिजली की कमी है अर्थात् दिन के 24 घंटों में 15-15 मिनट के ब्लॉक्स में यह कमी 500 मेगावाट से 3000 मेगावाट के मध्य रहती है।

12 रुपए प्रति यूनिट की दर पर भी पर्याप्त नहीं मिल रही बिजली
पावर एक्सचेंज से बिजली के क्रय विक्रय के लिए केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग की ओर से अधिकतम कीमत 12 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित की गई हैं। प्रत्येक 15 मिनट के ब्लॉक के लिए बिजली की कीमत अलग-अलग होती है। एक्सचेंज से बिजली खरीदने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, परंतु उपलब्धता न होने के चलते खरीद नहीं हो पा रही है। 26 अप्रैल को शाम 7 से 10 बजे के बीच अधिकतम कीमत 12 रुपए प्रति यूनिट की दर पर भी 1000 मेगावाट की बिड पर मात्र 4 मेगावाट से 34 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो सकी।

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