चाल बदली, भेष बदला, शहर बदला, प्रदेश बदला, लेकिन धरा गया आरोपी, कोटा की बेटी की हत्या का आरोपी गौरव जैन 6 दिन के पुलिस रिमांड पर

कोटा. पुलिस के लिए चुनौति बना नाबालिग की हत्या का आरोपी आखिर पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। इसकी गिरफ्तारी की सूचना पर पूरा शहर संतोष व्यक्त कर रहा है। 15 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में फरार चल रहा ट्यूशन टीचर गौरव जैन बेहद शातिराना तरीके से अपनी स्कूटी को केशोरायपाटन इलाके में फेंक कर फरार हो गया था।

पुलिस ने देर रात उसे उसकी बहन के यहां गुरूग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। शहर पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी शातिर है और उसने हत्या की प्लानिंग एक दिन पहले ही कर ली थी। आरोपी ने इसके लिए एक दिन पहले ही लड़की के नाम से एक टिकट कोटा से हरिद्वार का बुक किया था, साथ ही उसकी पूरी योजना रविवार को सेक्सुअल एसॉल्ट करने की थी, आरोपी ट्यूशन टीचर गौरव जैन ने दुष्कर्म का प्रयास किया और जब बालिका ने विरोध किया तो नाकामयाब होने के बाद परिवार व पकडेÞ जाने के डर से नाबालिग बालिका की हत्या कर फरार हो गया।

लड़की के भेष में निजी बस से पहुंचा हरिद्वार
एसपी ने बताया कि आरोपी स्कूटी लेकर केशोरायपाटन इलाके से फरार हो गया, वह अपने साथ में लड़की का भेष धारण करने के लिए कपड़े भी लेकर गया था। वहां से वह एक निजी बस में बैठने के लिए वापस नयापुरा आया और लड़की के नाम से पहले से टिकट बुक कराया हुआ था और यहां से वह सीधा हरिद्वार के लिए निकल गया। पुलिस उसे केशवराय पाटन और उस मार्ग पर ढूंढती रही। गौरव कि बहन की शादी 2 महीने पहले ही टोंक निवासी युवक के साथ हुई थी, गौरव के जीजा गुरुग्राम में नौकरी करते थे, लेकिन वर्तमान में टोंक में ही मौजूद थे, ऐसे में गौरव इसका फायदा उठाकर गुरुग्राम में उनके घर जाकर छुपने पहुंचा और धरा गया।

पैसे खत्म होने पर पहुंचा बहन के यहां
एसपी शेखावत ने बताया कि आरोपी गौरव जैन बसों में ही सफर करता रहा और आराम भी उसने बस स्टेंड पर ही किया। वह कोटा से हरिद्वार वहां से देहरादून फिर वापस हरिद्वार उसके बाद बरेली, लखनऊ, गौरखपुर, पटना, बोध, मधुबन, रांची, बनारस, आगरा, मथुरा, वृंदावन, बल्लभगढ़ और वहां से पैसे खत्म होने पर गुरूग्राम पहुंचा जहां पुलिस की एक टीम पहले से उसे पकडने के लिए तैयार थी और उसके उसकी बहन के यहां पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया।

साइबर सेल प्रभारी प्रताप की महत्वपूर्ण भूमिका
आरोपी गौरव जैन की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थी, पुराने बडेÞ मामलों को खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले साइबर सेल प्रभारी प्रताप सिंह (एएसआई) ने एक बार फिर साइबर सेल में होते हुए भी एडिश्नल पुलिसिंग में भी महारथ दिखाई। आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया। उन्होंने अपने सोर्स के माध्यम से आरोपी की तलाश के लिए अहम प्रयास किए। वह इससे पहले भी गुरूग्राम गए और पूरी स्थिति की जानकारी ली, वहां उन्होंने कई सूचनाएं जुटाई उसके बाद पूरा मामला उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। उन्हें मिली सूचना के आधार पर आरोपी को गुरूग्राम से गिरफ्तार किया गया।

4.31 लाख का इनाम था
हत्यारे के ऊपर इनाम की राशि 4.31 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। आरोपी गौरव जैन की गिरफ्तारी का दबाव पुलिस पर था, कोटा शहर एसपी केसर सिंह शेखावत ने गौरव जैन पर 5 हजार का इनाम रखा था। इसके बाद कोटा रेंज आईजी रविदत्त गौड़ ने इस इनाम को बढ़ाकर 10 हजार कर दिया, लेकिन बाद में आरोपी गौरव जैन को पकड़ने के लिए कोटा के कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ हॉस्टल एसोसिएशन ने भी इनाम रखा था, इसके अलावा स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी तरफ से इनाम की घोषणा की हुई थी। यह राशि 4 लाख 31 हजार रुपए तक पहुंच चुकी थी।

30 टीमों के साथ पुलिस अधिकारियों व जवानों ने की मशक्कत
13 फरवरी को 15 वर्षीय नाबालिग को अपने घर ट्यूशन पर बुलाकर गौरव जैन ने उसकी हत्या कर दी थी साथ ही उसके शव को रस्सियों से बांधकर खिड़की से लटका दिया था। उसके बाद वह अपनी स्कूटी को लेकर नयापुरा, रंगपुर, भदाना होते हुए केशोरायपाटन इलाके में गया था। उसके बाद वह कोटा से फरार हो गया। इसकी गिरफ्तारी के लिए कोटा शहर के 3 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 6 पुलिस उपाधीक्षक और 10 सीआई के अलावा 500 पुलिसकर्मी गौरव जैन की तलाश में लगे हुए थे। साथ ही पुलिस की करीब 30 टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जुटी हुई थी। इन टीमों को अलग-अलग टॉस्क दिए गए थे, इनमें एक टीम रिश्तेदारों पर नजर रखे हुए थी, एक टीम मोबाइल टेÑकिंग, संभावित स्थान, सुसाइड पोइंट, देश में मिलने वाली लाश, तकनीकी संसाधन सहित कई कार्यों में इन्हें लगाया गया था।

जल्द से जल्द सजा दिलाने का करेंगे प्रयास
पुलिस पहले इस मामले में 302 को मानकर कार्य कर रही थी, लेकिन आरोपी कि गिरफ्तारी के बाद प्राथमिक तौर पर सामने आया कि उसने छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास किया जिसके बाद अब पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जुड़ेंगी। एसपी केसर सिंह शेखावत का कहना है कि इस पूरे मामले की जल्द सुनवाई लेंगे। केस आॅफिसर स्कीम के तहत की जांच पड़ताल की जाएगी, हत्यारे को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास पुलिस करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *