भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर बवाल, कांग्रेसियों ने गाड़ियां रोकी, काले झंडे दिखाए, विरोध में भाजपाई धरने पर बैठे

कोटा. शहर में आरोप-प्रत्यारोपों की राजनीति एक बार फिर से भड़क गई। कोटा में रविवार को पूर्व महाराव बृजराज सिंह के निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित करने आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान दिए बयान पर कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए। जयपुर रवाना हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की कार को बल्लोप के निकट रोक लिया गया। उन्हें काले झंडे दिखाए गए।

पत्थर फेंकने की भी बात आई, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका। इस दौरान बीच-बचाव में उनके सुरक्षा गार्ड के कोट व शर्ट के बटन तक टूट गए, कांग्रेसियों द्वारा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को घेरने के बाद भाजपाई भी नाराज हो गए और विधायक मदन दिलावर की अगुवाई में कार्रवाई की मांग को लेकर आईजी कार्यालय पर धरना देकर बैठ गए। धरने पर विधायक मदन दिलावर, के साथ संदीप शर्मा, चन्द्रकांता मेघवाल सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे।

दरअसल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने उम्मेद भवन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस, बीजेपी की नकल कर रही है। वो सात जन्म तक बीजेपी के नकल नहीं कर पाएगी। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी के जूते के बराबर भी नहीं। इस मामले की जानकारी जैसे ही कांगे्रस कार्यकर्ताओं को लगी तो हाड़ौती विकास मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र सांखला के नेतृत्व में कांगे्रस कार्यकर्ता बल्लोप शेखावाटी ढ़ाबे के पास एकत्रित हो गए। जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष पुनिया जयपुर जाने के दौरान बल्लोप पहुंचे तो सांखला के नेतृत्व में ये लोग एक दम से कांगे्रस कार्यकर्ता गाड़ी के सामने आकर नारेबाजी करने लग गए।

सांखला ने प्रदेशाध्यक्ष पुनिया से कांगे्रस को लेकर दिए गए बयान को लेकर कहा कि आपने ऐसा बयान क्यों दिया, हालांकि इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष पुनिया गाड़ी के कांच लगाकर अंदर ही बैठे रहे, उनके पीएसओ ने कांगे्रस कार्यकर्ताओं को दूर हटाने की कोशिश की, लेकिन वो अकेले होने के कारण भीड़ को कंट्रोल नहीं कर पाए, कांगे्रस कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष की गाड़ी को करीब 20 मिनट तक रोककर काले झंडे दिखाए गए। इस दौरान कांगे्रस कार्यकर्ताओं की कांगे्रस पार्टी जिंदाबाद और धारीवाल जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। सांखला ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष पुनिया का बयान पूरी तरह से निन्दनीय है। काफी देर बाद शांतिपूर्वक ढंग से उन्हें रास्ता देकर जाने दिया।

भाजपा के नेता गलत बयान बाजी करते हैं। प्रदेश के नेताओं से लेकर इनके भी कई विधायक तक शामिल हैं। नेताओं के बयान पर पाबंदी लगे और कांग्रेस पार्टी से सतीश पूनिया माफी मांगें, इसके लिए ही कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। इस दौरान अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष अब्दुल रहीम खान, शहर अध्यक्ष शादाब खान, ओबीसी प्रकोष्ठ संभागीय अध्यक्ष महेश कश्यप, लाडपुरा विधानसभा अध्यक्ष प्रभात कश्यप, सूरज सैनी, लेखराज सैनी, अजय दर्डा, मक्कू कश्यप, हसन मंसूरी, एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुमित गोढाला, सिद्दीक अंसारी, नौशाद अली, कुशाल सेन, नदीम, कमल चतुवेर्दी, शुभम खुराना शामिल रहे है।

जानलेवा हमले का मुकदमा हो दर्ज : नागर
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के कोटा से जयपुर जाते समय कांग्रेस के राजेंद्र सांखला के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को काले झंडे बताने एवं जानलेवा हमले की नियत से विरोध करने पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हीरालाल नागर ने घोर निंदा की है। नागर ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया पर किए गए जानलेवा हमले में कांग्रेस के बड़े नेताओं व स्थानीय पुलिस की मिलीभगत बताया। सभ्य समाज में ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। नागर ने कहा की यदि पुलिस ने जानलेवा हमला का मुकदमा दर्ज नहीं किया तो भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा।

मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे पूनिया: त्यागी
शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि पूनिया मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं और इसी लिए गलत-सलत बयानी कर रहे हैं। जब देश की आजादी का आदोलन कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में लड़ा जा रहा था उस समय तो भाजपा पैदा भी नहीं हुई थी और ना ही इनके किसी नेता का देश की आजादी में कोई योगदान रहा।

त्यागी ने स्पष्ट कहा कि सतीश पूनिया मुख्यमंत्री बनने के सपने देख कर उल्टे सुल्टे बयान दे रहे हैं या तो आपने बयान पर माफी मांगे नहीं तो कांग्रेस कार्यकर्ता कोटा में घुसने नहीं देंगें और उनका मुहतोड़ जबाब देंगें। जिला कांग्रेस महामंत्री विपिन बरथुनिया ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का मानसिक दिवालियापन सबके सामने आ गया है। वे भूल गए कि कांग्रेस पार्टी ने ही देश के विकास को नए आयाम दिए हैं। सतीश पूनिया उसी पार्टी से आते हैं जिनकी पार्टी कांग्रेस की बनाई हुई है। कांग्रेस के नेताओं ने आजादी के आंदोलन में भाग नहीं लिया होता तो आज पूनिया किसी अंग्रेज के घर ही गुलामी कर रहे होते।

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