कोटा: नए साल में बदल जाएगा शहर का नजारा, सामने आएगा निखरा हुआ रूप, सुगम होगा यातायात

कोटा. कोटा शहर के लिए नया साल विकास के नए आयाम लेकर आने वाला है, कोटा शहर में यातायात को सुगम बनाने, पर्यटकों को आकर्षित करने और सौंदर्यीकरण की दृष्टि से चल रहे विकास कार्यों में अधिकांश प्रोजेक्ट वर्ष 2022 में पूरे हो जाएंगे। इन प्रोजेक्ट में 50 से 90 प्रतिशत तक काम पूरे हो गए हैं और फिनिशिंग वर्क बाकी है। अनंतपुरा में कोटा-झालावाड़ मार्ग पर सड़क के कार्य व सिटी मॉल पुलिया पर जल्द ही लोड टेस्टिंग का काम होगा। इसी तरह, गुमानपुरा एलिवेटेड रोड भी जनवरी में बनकर तैयार हो जाएगी।

इसके बाद उसकी लोड टेस्टिंग होगी, इसके बाद इन कार्यों को जनता के लिए समर्पित किया जाएगा। इसी तरह, गोबरिया बावड़ी अंडर पास का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। वहां, सौन्दर्यीकण का कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। यह प्रोजेक्ट जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। कोटा को आवारा मवेशियों से मुक्त करने के लिए देवनारायण आवासीय योजना में मवेशियों के लिए शेड, पशुपालकों के लिए आवास, चिकित्सालय, व्यापार के लिए डेयरी प्लांट, खल-चूरी बाजार व पशुपालकों के बच्चों के लिए स्कूल भवन इत्यादि तैयार हो गए हैं। कोटा वासियों को ऑक्सीजोन की सौगात भी नए साल में मिल जाएगी। इसमें भी 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। यहां जानें, कोटा के प्रमुख विकास कार्य, जो नए साल में आम जनता को समर्पित होंगे…

गोबरिया बावडी अंडरपास का सौंदर्यीकरण लगभग पूरा
गोबरिया बावड़ी चौराहे पर भी यातायात को सुगम बनाने के लिए अंडरपास बनाया गया है। इसके सौन्दर्यीकरण का कार्य भी लगभग पूरा हो गया। अब सिर्फ घटोत्कच सर्किल की तरफ जाने वाली सड़क की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य चल रहा है। यह कार्य जनवरी में ही पूरा होने की संभावना है। इसके निर्माण में करीब 25 करोड़ खर्च होंगे।

इस साल मार्च में देख सकेंगे चम्बल रिवर फ्रंट का सौंदर्य
चम्बल नदी पर कोटा बैराज से नयापुरा पुलिया के बीच में दोनों तटों पर रिवर फ्रंट विकसित किया जा रहा है। रिवर फ्रंट का कार्य अलग-अलग चरणों में अलग-अलग कंस्ट्रक्शन कंपनियों के माध्यम से चल रहा है। रिवर फ्रंट पर राजस्थान की विभिन्न शैलियों की शिल्पकला के अनुसार फसाड कार्य, छोटी एवं बड़ी समाध का विकास, बैराज गार्डन का निर्माण, बाढ़ से बचाव के लिए रिटेनिंग वॉल एवं दोनों ओर घाटों का निर्माण किया जाएगा। इनमें रिटेनिंग वॉल का कार्य लगभग पूरा हो गया है। अब सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। रिवर फ्रंट के निर्माण की लागत 800 करोड़ रुपए है। रिवर फ्रंट के कार्य मार्च 2022 तक पूरा करने का टारगेट है।

अनंतपुरा तिराहे पर बन रहा फ्लाईओवर
भामाशाह मंडी में जिन्सों की अत्यधिक आवक होने से अनंतपुरा तिराहे पर भारी यातायात रहता है। यहां पर यातायात को सुचारू रखने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 70 करोड़ रुपए है। वर्तमान में 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। जनवरी के अंतिम सप्ताह तक कार्य पूरा होने की संभावना है। यहां पर दो अलग-अलग फ्लाईओवर होंगे, एक फ्लाईओवर तो कोटा से झालावाड़ की ओर जाने के लिए बनाया गया है। यह दो लेन का होगा। जबकि एक फ्लाईओवर भामाशाह मंडी की ओर से कोटा शहर की आने के लिए बनाया गया है। जो गोलाकार होगा। मंडी से झालावाड़ की तरफ जाने वाले वाहन स्लीप लेन से ही जाएंगे। जबकि झालावाड़ से मंडी की ओर जाने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे से और कोटा शहर की ओर जाने वाले वाहन स्लीप लेन से होकर निकलेंगे।

रोशन हुआ अंटाघर चौराहे का अंडरपास
अंटाघर चौराहे पर यातायात सुगमता के लिए नगर विकास न्यास ने अंडरपास का निर्माण कराया है। इस कार्य की लागत 23.96 करोड़ रुपए है। इस प्रोजेक्ट में 3.81 करोड़ की लागत से सौन्दर्यीकरण के कार्य जारी हैं, जिसमें से 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। 2.09 करोड़ की लागत से आकर्षक लाइटिंग की गई है। अंटाघर के पास जेडीबी सर्किल पर सौंदर्यीकरण के कार्य चल रहे हैं। ये सभी कार्य इस साल जनता को समर्पित हो जाएंगे।

स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का सपना जल्द होगा पूरा
कोटा शहर में स्पोटर््स कॉम्पलेक्स का सपना साकार होने जा रहा है। यहां पर लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय के खेलों के लिए इंडोर और आउटडोर मैदान तैयार किए जा रहे हैं। नयापुरा स्थित जेके क्रिकेट पैवेलियन के पास स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण पर करीब 21 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वर्तमान में 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। यह निर्माण कार्य अपै्रल-2022 में पूरा होने की संभावना है।

फरवरी में शुरू होगी यह एलिवेटेड रोड
कोचिंग छात्रों एवं सिटीमॉल में अत्यधिक भीड होने के कारण विद्यार्थियों को कोचिंग एवं सिटीमॉल से राजीव गांधी नगर में जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यहां कई बार हादसे हो जाते थे। इसे देखते हुए मॉल के सामने एलिवेटेड रोड का निर्माण किया गया है। इस पर 46 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। अब स्लीप लेन और सौंदर्यीकरण का कार्य शेष है। एलिवेटेड रोड की लोड टेस्टिंग होने के बाद फरवरी माह में इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। तब तक सौंदर्यीकरण का जो कार्य शेष रहेगा, वह साथ में चलता रहेगा।

ऑक्सीजोन का निखर रहा रूप
आईएल टाउनशिप परिसर की 30 हैक्टेयर भूमि पर 112.83 करोड़ की लागत से सिटी पार्क (ऑक्सीजोन) बनाया जा रहा है। प्रथम चरण में 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। द्वितीय चरण में 7.68 करोड़ रुपए की लागत से रिसेप्शन, कैफेटेरिया, पार्किंग एवं फव्वारों का निर्माण करवाया जा रहा है। 12.48 करोड़ की लागत से विद्युत सौन्दर्यीकरण होगा। यहां आने वालों को सघन वन का अहसास होगा, क्योकि 72 प्रतिशत हिस्से में कई प्रजातियों के पेड-पौधे लगाए गए हैं। 16 प्रतिशत हिस्से में नहर व तालाब विकसित किए गए हैं।

एरोड्राम सर्किल पर अंडरपास तैयार, सौंदर्यीकरण जल्द होगा पूरा
एरोड्राम चौराहे पर बार-बार जाम की परेशानी को देखते हुए डीसीएम रोड से सीएडी आने-जाने वाले वाहनों के लिए अंडर पास का निर्माण किया गया है। अंडर पास से आवागमन शुरू हो गया है। अब इसके सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। साथ ही झालावाड़ से सीएडी की ओर जाने वाली स्लीप लेन ओर छावनी की ओर से डीसीएम की जाने वाली स्लीप लेन का कार्य चल रहा है। इसमें न्यास की ओर से 58 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

एरोड्राम को टावर्स ऑफ लिबर्टी से मिलेगी नई पहचान
एरोड्राम चौराहे की शान को बनाए रखने के लिए एरोड्राम पर मौजूद मीनारों के साथ ही उसके सहारे क्रमश: 48 मीटर, 38 मीटर एवं 31.50 मीटर ऊंचे तीन टावर्स ऑफ लिबर्टी का निर्माण किया जा रहा है। इनकी लागत करीब 20 करोड़ रुपए है। टावर का निर्माण मई 2022 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है।

प्रमुख चौराहों की चौड़ाई घटाकर किया सौंदर्यीकरण
न्यास ने नयापुरा विवेकानन्द सर्किल की चौड़ाई को कम किया है। यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को ऊंचे पेडस्टल पर लगाया जाएगा। चौराहे के चारों ओर का लुक बदला गया है। 55 प्रतिशत का पूरा हो गया है। 22 करोड़ की लागत का यह कार्य नए साल के मार्च महीने तक पूरा होने की संभावना है। इसी तरह घोड़े वाले बाबा चौराहे का स्वरुप बदला गया है। वर्तमान में 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। यह कार्य जनवरी में पूरा हो जाएगा। इसी तरह अदालत चौराहे की शक्ल-सूरत बदली हुई नजर आएगी। यहां पर विकास एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य न्यास दो चरणों में करवा रहा है। वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत कार्य हुआ है, शेष कार्य जनवरी माह में पूरे हो जाएंगे।

– मल्टीपरपज स्कूल परिसर में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण: न्यास मल्टीपरपज स्कूल परिसर में भी खेलकूद गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण करा रहा है। जिसकी लागत 6 करोड़ रुपए आएगी। यहां पर कबड्डी, खो-खो, टेनिस, बैडमिंटन सहित इंडोर खेलों के कोर्ट तैयार होंगे।
– बोरखेड़ा में फ्लाईओवर का निर्माण: बारां रोड पर बोरखेड़ा रेलवे ओवरब्रिज से पेट्रोल पम्प तक पलाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। यह दो लेन होगा। इसमें पेट्रोल पम्प तक पुलिया बनेगी। इसमें 25 स्पान होंगे। इसके निर्माण पर 111 करोड़ खर्च होंगे।
– महाराणा प्रताप चौराहे पर ऐलिवेटेड रोड का कार्य: कुन्हाड़ी चौराहे पर जयपुर की ओर से आने वाले वाहन एलिवेटेड रोड पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के चारों ओर घूमकर फ्लाईओवर के नीचे से नयापुरा सर्किल की ओर निकलेंगे। इसकी लागत 34.59 करोड़ है। यह कार्य मई तक पूरा हो जाएगा।
– गुमानपुरा में एलिवेटेड रोड निर्माण फरवरी में होगा पूरा: वल्लभ नगर तिराहे से लेकर सब्जीमंडी फायर स्टेशन तक दो लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण फरवरी माह तक पूरा होने की संभावना है। इसके निर्माण में करीब 55.40 करोड़ खर्च होंगे। इस ऐलिवेटेड रोड के बनने से किशोर सागर की पाल से गुमानपुरा बाजार होकर सीएडी रोड तक वाहन अब बिना किसी बाधा के पहुंच सकेंगे। उन्हें अभी गुमानपुरा में इंदिरा गांधी तिराहे पर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।

नए बाइपास बनने से खत्म होगी यातायात की समस्या
शहर के प्रमुख बाजारों में लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए कुछ बाइपास बनाए गए हैं। कुछ अन्य बाइपास का कार्य चल रहा है। जो इस प्रकार हैं-

– सब्जीमंडी से बजाज खाना रोड- बजाज खाना में दिनभर जाम की परेशानी रहती थी, इसे देखते हुए लाल हवेली के किनारे से वाल्मीकि सामुदायिक भवन तक सीधा रोड निकाला गया।
– दादाबाडी तिराहे से साजीदेहड़ा नाले के समीप: सीएडी चौराहे पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए केशवपुरा जाने वाले वाहनों के लिए साजीदेहड़ा नाले से दादाबाड़ी चौराहे तक बाइपास रोड निर्माणाधीन है।
– मल्टीपरपज स्कूल के पीछे से रोड: गुमानपुरा बाजार से सीएडी की ओर जाने वाले वाहनों के कारण इंद्रागांधी सर्किल पर जाम लगता था, इसके समाधान के लिए मल्टीपरपज स्कूल की दीवार के सहारे-सहारे से रावतभाटा रोड तक बाइपास निकाला गया। इस पर यातायात चालू है।
– नाग नागिन मंदिर से उम्मेदगंज तक: एरोड्राम चौराहे पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए बन रहे बाइपास से कैथून और डीसीएम जाने वाले निजी वाहन अब सीधे नाग-नागिन मंदिर के पास से उम्मेदगंज पुलिया पर पहुंचेंगे।
– झालावाड रोड से मोटरमार्केट होकर डीसीएम रोड- एरोड्राम चौराहे पर यातायात का दबाव कम करने के लिए डीसीएम रोड से झालावाड रोड जाने वाले वाहनों के लिए पॉलॉटेक्निक कॉलेज और मोटर मार्केट की थड़ियों को हटाकर बाइपास निकाला गया। इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है।

‘यातायात में अब अगले 50 साल तक नहीं आएगी दिक्कत’
कोटा में चल रहे विकास कार्यों को करवाने का उद्देश्य यह है कि कोटा शहरवासियों को आने वाले 50 साल तक यातायात संबंधी कोई परेशानी नहीं हो। यातायात की सुगमता, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ पयर्टन क्षेत्र में कोटा अग्रिम पंक्ति में शामिल हो सकेगा। कोचिंग के साथ-साथ पयर्टन नगरी भी कोटा बनेगा। हम चाहते हैं कि यहां रोजगार के नए आयाम स्थापित हों। व्यापार में बढ़ोत्तरी हो। सभी वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के साथ अन्य विकास कार्य करवाए जा रहे हं। -शांति धारीवाल, नगरीय विकास मंत्री

  • इन विकास कार्यों से भी निखरेगी शहर की सूरत
  • गोबरिया बावड़ी सर्किल से एयरपोर्ट तक 5 करोड़ की लागत से नाले का निर्माण।
  •  सीवी गार्डन एवं किशोर सागर तालाब के बीच जैसलमेर की जालिम सिंह की हवेली की प्रतिकृति का निर्माण। 7.33 करोड़ रु. होंगे खर्च।
  •  राजकीय महाविद्यालय में हेरिटेज विकास का 60 प्रतिशत कार्य पूरा ।
  •  बड़ तिराहे पर 3.26 करोड़ की लागत से बस स्टैण्ड का निर्माण।
  •  सुभाष लाइबे्ररी का 3.75 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार।
  • कुन्हाड़ी में महाराणा प्रताप सर्किल का 5.39 करोड़ की लागत से विकास। वर्तमान में 40 प्रतिशत कार्य पूरा।
  •  6.43 करोड़ रुपए की लागत से अस्सी फीट रोड पर चल रहे अण्डरपास का 90 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ। रेलवे भी 6.14 करोड़ की लागत से यहां बना रहा अण्डरपास।
  •  जयपुर गोल्डन के सामने 3 करोड़ की लागत से फसाड़ का कार्य किया जाएगा।
  •  6 करोड़ की लागत से हो रहा हाट बाजार का विकास। विद्युत सज्जा भी होगी।
  •  नाका चुंगी चौराहे पर 4.80 करोड़ की लागत से चल रहा विकास कार्य।
  •  कोटा में प्रदेश का पहला स्नेक पार्क 10 करोड़ की लागत से बनने जा रहा है। यह पार्क कोटा हर्बल पार्क में बनेगा। यह कार्य अप्रैल 2022 तक पूरा होगा।
  •  जेडीबी कॉलेज के सामने महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्तियां होंगी स्थापित।
  •  कोटडी चौराहे पर दिनभर लगने वाले जाम की परेशानी का हल निकालने के लिए ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य प्रारंभ। न्यास इस पर 11.41 करोड़ रुपए खर्च करेगा।
  •  रेलवे स्टेशन से भीमगंजमंडी थाने तक 7.32 करोड़ रुपए की लागत से फसाड़ का कार्य करवाया जाएगा, ताकि कोटा में लोगो की एंट्री होते ही उनको पयर्टन नगरी का अहसास हो सके।
  •  न्यास की ओर से देसी-विदेशी पयर्टकों को लुभाने के लिए कोटा शहर के रियासतकालीन हैरिटेज व ऐतिहासिक दरवाजों का 2 पैकेजों में जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। प्रथम पैकेज में किशोरपुरा एवं सूरजपोल गेट का रूप निखा जा रहा है। इस कार्य के लिए 7.46 करोड़ खर्च होंगे। अभी 25 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है। द्वितीय पैकेज में पाटनपोल एवं लाडपुरा गेट का कार्य होगा। जिस पर 4.47 करोड़ खर्च होंगे।

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