राजावत के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई, जलदाय मंत्री ने मांगी घटनाक्रम की जांच रिपोर्ट

कोटा/जयपुर. जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने कोटा में पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत द्वारा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता से दुर्व्यवहार कर उनको जबरन जल पिलाने की कोशिश करने की घटना की कड़ी निंदा की है। डॉ. महेश जोशी ने बुधवार को शासन सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि इस प्रकार की घटना राजकार्य में बाधा का प्रयास है, किसी भी जनप्रतिनिधि को ऐसा आचरण शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखने या विरोध दर्ज कराने का सबको अधिकार है, मगर राज्य सरकार द्वारा इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से पूरे मामले की जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर को पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत जलदाय विभाग के कार्यालय में गए थे, वहां उन्होेंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एवं जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते कोटा की 500 कॉलोनियों एवं 50 बहुमंजिला इमारतों में लाखों लोग चम्बल के किनारे रहते हुए भी चम्बल के पानी से वंचित हैं। राजावत फ्लोराइडयुक्त पानी एक बोतल में भरकर ले गए थे, जो उन्होेंने अतिरिक्त मुख्य अभियंता महेश जांगिड़ को जबरन पिला दिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आमजन तक चम्बल का पानी नहीं पहुंचाया तो आने वाले समय में पीड़ित जनता बड़ा आंदोलन करेगी।

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