Kota: नयापुरा चौराहे पर 56 फीट ऊंची स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित, 20 करोड़ की लागत से हो रहा चौराहे का सौंदर्यीकरण, मार्च में होगा काम पूरा

कोटा. नगर विकास न्यास की ओर से कराए जा रहे नयापुरा चौराहे के सौंदर्यीकरण कार्य के अंतर्गत गुरुवार को यहां पर स्वामी विवेकानंद की 56 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई। नयापुरा चौराहे पर पेडस्टल की जगह बनाए विशाल स्ट्रक्चर पर यह प्रतिमा क्रेन से स्थापित की गई। न्यास सचिव राजेश जोशी ने बताया कि नयापुरा चौराहे का सौंन्दर्यीकरण स्मार्ट सिटी योजना के तहत कराया जा रहा है।

इसके निर्माण मेंं करीब 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नयापुरा चौराहे के चारों तरफ के निजी आवासों पर नक्काशीदार पत्थर लगाकर व रंग-रोगन करके उन्हें हेरिटेज लुक दिया गया है। नयापुरा चौराहे की सड़क को 2 फीट नीचे किया गया है, ताकि आसपास की दुकानों में बरसाती पानी नहीं भरे। इसके अलावा सर्किल पर आकर्षक स्ट्रक्चर भी तैयार कराया गया।

जिस पर गुरुवार को स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित की गई। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा ‘गन मेटल’ (मिश्रित धातु) की है, जिसका निर्माण जयपुर में हुआ। प्रतिमा की ऊंचाई 18 फीट है, जबकि जमीन से इसकी ऊंचाई (स्ट्रक्चर समेत) 56 फीट है। नयापुरा सर्किल के सौंदयीकरण का कार्य मार्च में पूरा होने की संभावना है।

सालिम सिंह हवेली का मॉडल भी होने लगा तैयार
कोटा में चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों के अंतर्गत जैसलमेर की सालिम सिंह की हवेली का मॉडल कोटा नगर विकास न्यास तैयार करवा रहा है। यह हवेली स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है। सीवी गार्डन एवं किशोर सागर तालाब के बीच इस हवेली के मॉडल का निर्माण चल रहा है। सचिव राजेश जोशी ने बताया कि हवेली का निर्माण 7.33 करोड़ के बजट से करवाया जा रहा है। यह हवेली पांच मंजिला होगी। इसके लिए जैसलमेर स्टोन पर खूबसूरत नक्काशी की जा रही है।

जैसलमेर से आए कारीगर पत्थर पर बेजोड़ कलात्मक कारीगरी कर रहे हैं। यह हवेली 17 मीटर उंची होगी। जिसमें आकर्षक झरोखे, मेहराब, छतरियां, झूमर, तोड़ियां, आकर्षक लाइटिंग की जाएगी। सालिम सिंह की हवेली के मॉडल के रुप में पर्यटक कोटा में रेगिस्तान के हेरिटेज को देख सकेंगे। इस आकर्षण मॉडल में पर्यटकों को सीढ़ियों और लिफ्ट दोनों सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। मॉडल तैयार कर रही टीम के सदस्य इस्बाब खान ने बताया कि 25 कारीगर जैसलमेर स्टोन पर महीन कारीगरी कर मॉडल को हुबहू बनाने में जुटे हुए है। इस्बाब ने बताया कि कोटा से पूर्व उनकी टीम ने जयपुर, कोलकाता, उदयपुर सहित देश में कई जगहों पर जैसलमेर स्टोन पर कलात्मक कारीगर कर कई खूबसूरत इमारतों का निर्माण किया है।

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