Kota: महिला नर्सिंगकर्मी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या

कोटा. होली के दिन नरेश मीणा नाम के शख्स की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार महिला नर्सिंगकर्मी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जूते के फीते से गला दबाकर हत्या कर दी थी। गले के निशान को छुपाने के लिए उसे मार्कर से काला कर दिया, ताकि दूसरों को लगे कि होली का कलर लगा हुआ है। शहर पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने बताया कि प्रेमी युगल महिला सुनीता मीणा व उसके प्रेमी प्रमोद खटीक उर्फ पवन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शेखावत ने बताया कि 19 मार्च को झालरापाटन निवासी मुकेश मीणा की रिपोर्ट पर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया था। मौत पर संदेह होने के कारण थानाधिकारी लक्ष्मी चंद वर्मा ने उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार टीम गठित कर मृतक के मोहल्ले में पूछताछ की। पता चला कि एक शख्स आए दिन मृतक के घर के आसपास नजर आता रहता था। इस बीच, 25 मार्च को मृतक नरेश मीणा की भतीजी संजना मीणा निवासी झालरापाटन ने रिपोर्ट दी कि वह चाचा नरेश की मौत की खबर सुनकर 19 मार्च को खेडली फाटक आई थी।

उसे जानकारी मिली कि घटना वाली रात को प्रमोद खटीक निवासी भोई मोहल्ला छावनी उसकी चाची के पास उसके मकान पर आया था। मेरी चाची व प्रमोद के अवैध संबंध की जानकारी मुझे पहले से थी। मुझे शक है कि मेरे चाचा की हत्या मेरी चाची सुनीता व उसके प्रेमी प्रमोद ने मिलकर की है। इस पर प्रमोद को छावनी गुमानपुरा से ट्रेस कर कड़ी पूछताछ की गई तो प्रमोद खटीक ने सारी बात दी। वारदात का खुलासा होने पर इस पर धारा 302, 34 के मुकदमा दर्ज किया।

पति को रास्ते से हटाने के लिए रची साजिश
मृतक नरेश मीणा पेशे से टेलर था। उसके इस काम में पत्नी भी मदद करती थी। ये लोग छावनी गुमानपुरा में वर्ष 2011 से किराए के मकान में रहे थे। इसी दौरान प्रमोद नाम का व्यक्ति सिलाई का काम लेकर मृतक नरेश के घर आने जाने लगा। प्रमोद की जान पहचान मृतक की पत्नी सुनीता मीणा से हो गई। धीरे-धीरे दोनों में प्रेम बढ़ता गया। इस दौरान मृतक की पत्नी को संविदा कर्मी के रूप में अस्पताल दादाबाड़ी में नौकरी मिल गई। प्रेमी प्रमोद रास्ते में सुनीता मीणा से मिलता रहता था।

एक दिन मृतक नरेश को अपनी पत्नी के प्रेम प्रसंग का पता चला। उसने पत्नी को फटकार लगाई। इसके बाद वह खेड़ली फाटक स्थित मकान में रहने लगा। सुनीता ने पति को रास्ते से हटाने के लिए प्रमोद के साथ मिलकर साजिश रची। होली के दिन रात के समय उन्होंने गला घोंटकर नरेश की हत्या कर दी। किसी को गला घोंटने की बात का शक ना हो इसलिए मृतक के गले पर आए हुए निशान पर काले मार्कर पेन की स्याही लगा दी। पुलिस की ओर से इस मामले की गुत्थी सुलझाने व आरोपियों की गिरफ्तारी में विशेष योगदान सुभाष एएसआई, चौथमल, हेड कांस्टेबल देव करण, कांस्टेबल मुकेश, भरत, मोहित, रामस्वरूप का रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *