देवा गुर्जर की हत्या के मामले में अब तक 9 बदमाशों को किया गिरफ्तार

कोटा. कोटा के बोराबास निवासी हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इनसे हत्या के मामले में पूछताछ कर रही है। ग्रामीण पुलिस, डीएसटी टीम, आरएसी व चेचट पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश जंगलों में गहनता से की गई थी।

पुलिस द्वारा मामले में मुख्य आरोपी बाबूलाल (35) पुत्र गणेश लाल निवासी खेड़रुद्धा थाना चेचट कोटा ग्रामीण, सुखराम (38) पुत्र प्रभु लाल निवासी धावदकला, बापूलाल (40) पुत्र चतुर्भुज, निवासी सरकारी स्कूल के पास लाडपुरा रावतभाटा, बलराम उर्फ बबलू (35) पुत्र कालूराम, निवासी धावदकला, राहुल (20) पुत्र गोपाल, निवासी खेडरूदा राम नगर चेचट, सोनू उर्फ परीक्षित गुर्जर (28) पुत्र बृजमोहन, निवासी खेडरूदा, हुकुमचंद (45) पुत्र दुर्गाशंकर, निवासी खेडरूदा थाना चेचट, बालमुकुंद पुत्र कालूलाल, निवाासी खेडरूदा थाना चेचट को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है।

इन पर धारा 147, 148, 149 ,302, 307, 308, 323, भारतीय दंड संहिता व 3/25 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी को लेकर सर्चआॅपरेशन चलाया था। सभी आरोपियों को एसआईटी टीम कोटा से गुरुवार को रावतभाटा लेकर गई है, जहां घटनास्थल पर ले जाया जाएगा। क्राइम सीन रिक्रिएट किया जाएगा। एसआईटी टीम के सीनियर पुलिस आॅफिसर एडिशनल एसपी पारस जैन अपनी टीम के साथ भारी सुरक्षा के बीच चारों बदमाशों को लेकर रावतभाटा पहुंचे।

इससे पहले गुरुवार को कोटा एसपी केसर सिंह शेखावत ने भी आरोपियों से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि प्रोपर्टी, लेबर सप्लायर और ठेकेदारी के कार्य थे। देवा का कई लोगों से विवाद चल रहा था। ऐसे में देवा की हत्या की वजह का खुलासा आरोपियों से पूछताछ के बाद ही हो सकेगा। मामले में कोटा एसआईटी टीम के निर्देशन में कोटा ग्रामीण पुलिस के कनवास थाना एसएचओ ने नाकाबंदी के दौरान हत्याकांड के मुख्य आरोपी बाबूलाल गुर्जर, बाबूलाल धाकड़, सुखराम जाट और बलराम जाट को कनवास थाना क्षेत्र से उस समय गिरफ्तार किया था जब ये बदमाश मध्यप्रदेश से कोटा लौट रहे थे। वारदात के बाद चारों बदमाश मध्यप्रदेश निकल गए थे।

पुलिस को चकमा देने के लिए ये चारों बिना नंबर की गाड़ी से मध्यप्रदेश से वापस कोटा लौट रहे थे, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस मामले को लेकर कोटा व बोरावास में काफी हंगामा हुआ था और पुलिस पर पथराव हुआ, बसों में आग लगा दी, टायर जलाकर विरोध किया और रास्ता जाम कर दिया था।

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