NEET UG 2022: फिजिक्स आसान, कैमिस्ट्री व बायोलॉजी गत वर्ष की तुलना में रही कठिन

  • तीन सवालों पर आपत्ति, एम्स की तर्ज पर असरशन रीजनिंग व मैच द कॉलम्स के सवाल अधिक आए

कोटा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2022 रविवार को आयोजित की गई। पेपर गत वर्ष की तुलना में कुछ कठिन रहा। फिजिक्स गत वर्ष की तरह आसान तो बॉयलोजी और कैमेस्ट्री स्तरीय रहे। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. बृजेश माहेश्वरी के अनुसार प्रारंभिक विश्लेषण में पिछले वर्ष की तुलना में पेपर स्तरीय रहा। इसे सामान्य से ज्यादा कठिन कहा जा सकता है।

फिजिक्स के पेपर का स्तर गत वर्ष के समान रहा। वहीं कैमेस्ट्री व बॉयलोजी गत वर्ष की तुलना में कठिन रहे। वहीं इस बार पेपर में नयापन यह देखने को मिला कि कथन और कारण (एसरशन-रिजनिंग) के सवाल ज्यादा पूछे गए। ये सवाल पहले एम्स के पेपर में अधिक आते थे। इसके बाद नीट में गत वर्ष सिर्फ बॉयलोजी में आए थे। इसी तरह मैच द कॉलम्स भी इस वर्ष अधिक संख्या में पूछे गए।

ये सवाल भी गत वर्ष तक एक-दो ही पूछे जाते थे। तीनों विषय फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायॅलोजी में एक-एक प्रश्न पर आपत्ति है। कैमेस्ट्री में सेक्शन-बी में इलेक्ट्रो-कैमेस्ट्री टॉपिक के एक सवाल का उत्तर 1.05 होना चाहिए था जो कि 10.5 छपा हुआ था। इसी तरह फिजिक्स में सेक्शन ए में मॉर्डन फिजिक्स के सवाल में भी डेटा गलत दिया हुआ था। इसी तरह बॉयलोजी में प्लांट एंटोमालॉजी के सवाल में सभी ऑप्शन्स सही थे।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और सीईओ नितिन विजय ने बताया कि नीट का पेपर गत वर्ष की तुलना में स्तरीय रहा। हर विषय में सवाल अच्छे और लेन्दी थे, जिससे प्रश्न हल करने में समय अधिक लगा। डिफीकल्टी लेवल गत वर्ष की तुलना में अधिक था। नीट यूजी का पेपर एनसीईआरटी बेस्ड था।

जगह-जगह जाम
शहर में परीक्षा के दौरान जगह-जगह जाम की स्थिति रही। बारां रोड पर मुख्यरूप से बड़ी संख्या में वाहन फंस गए और परीक्षार्थी देरी से परीक्षा केन्द्रों पर पहुंची। 11 बजे से एंट्री शुरू हो जाने के कारण परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र पर पहुंच गए। शहर के अन्य इलाकों में भी यही हाल रहा।

कैमिस्ट्री
पेपर नीट 2021 की तुलना में थोड़ा कठिन व कंसेप्च्युअल आया है। सेक्शन ए में 35 और सेक्शन बी में 15 प्रश्न पूछे गए। सेक्शन ए में सबसे ज्यादा 13 प्रश्न इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में आए। जबकि ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री व फिजीकल कैमिस्ट्री में 11-11 प्रश्न पूछे गए। सेक्शन बी में भी सबसे ज्यादा 6-6 प्रश्न ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री व फिजीकल कैमिस्ट्री से आए।

जबकि इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री से मात्र 3 प्रश्न आए। 11वीं कक्षा के सिलेबस से 58 प्रतिशत एवं 11वीं कक्षा के सिलेबस से 42 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। यदि फिजीकल कैमिस्ट्री, ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री व इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में तुलना करें तो नीट 2021 में फिजीकल कैमिस्ट्री में 16 प्रश्न पूछे गए थे। जबकि इस वर्ष 17 प्रश्न आए हैं। इसी प्रकार इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में वर्ष 2021 में 17 प्रश्न आए जबकि इस वर्ष 16 प्रश्न पूछे गए हैं। ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में दोनों वर्ष 17-17 प्रश्न पूछे गए।

फिजिक्स
नीट 2021 की तुलना में नीट 2022 में फिजिक्स का पेपर आसान रहा। सेक्शन ए में 35 और सेक्शन बी में 15 प्रश्न पूछे गए। सेक्शन ए में सबसे ज्यादा 12 प्रश्न मैकेनिक्स टॉपिक से आए जबकि हीट से 2, एसएचएम एंड वेव्ज से 1, इलेक्ट्रो एंड डायनेमिक्स से 9, ऑप्टिक्स से 4 और मॉडर्न एंड इलेक्ट्रोनिक्स से 7 प्रश्न आए।

सेक्शन ए में 62.9 प्रतिशत प्रश्नों का स्तर आसान, 34.3 प्रतिशत का स्तर मध्यम एवं 2.9 प्रतिशत प्रश्न कठिन रहे। सेक्शन बी में सबसे ज्यादा 6 प्रश्न इलेक्ट्रो एंड डायनेमिक्स टॉपिक से पूछे गए। जबकि मैकेनिक्स टॉपिक से 4, हीट, एसएचएम एंड वेव्ज व ऑप्टिक्स से 1-1 और मॉडर्न एंड इलेक्ट्रोनिक्स से 2 प्रश्न आए। सेक्शन बी, सेक्शन ए की तुलना में थोड़ा कठिन रहा। सेक्शन बी में 53.3 प्रतिशत प्रश्नों का स्तर आसान, 33.3 प्रतिशत प्रश्न मध्यम एवं 13.3 प्रतिशत प्रश्नों का स्तर कठिन रहा। 12वीं कक्षा के सिलेबस से 58 प्रतिशत एवं 11वीं कक्षा के सिलेबस से 42 प्रतिशत प्रश्न फिजिक्स के पेपर में पूछे गए।

बायोलॉजी
बॉटनी में कुल 50 प्रश्न आए, जिसमें सेक्शन में 35 व सेक्शन बी में 15 प्रश्न पूछे गए। इसी प्रकार जूलॉजी में कुल 50 प्रश्न आए, जिसमें सेक्शन में 35 व सेक्शन बी में 15 प्रश्न पूछे गए। पेपर एनसीईआरटी के सिलेबस पर आधारित रहा, कक्षाओं के आधार पर प्रश्नों के विभाजन की बात करें तो 11वीं कक्षा के सिलेबस से 53 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा के सिलेबस से 47 प्रतिशत प्रश्न आए। इस वर्ष 44 प्रतिशत प्रश्नों का स्तर आसान, 11 प्रतिशत प्रश्नों का स्तर कठिन एवं 45 प्रतिशत प्रश्न मध्यम स्तरीय रहे। कुछ प्रश्नों में अंग्रेजी का हिन्दी अनुवाद नहीं दिया हुआ था। ओवरऑल पेपर पिछले साल की तुलना में कठिन एवं लेन्दी रहा।

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