Bundi: 2.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते कृषि विभाग का सहायक निदेशक गिरफ्तार

बूंदी. बूंदी एसीबी टीम ने कृषि विभाग उद्यान के सहायक निदेशक रामप्रसाद मीणा को 2.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते सोमवार दोपहर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ उसके किराए के घर से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी मीणा ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन एसीबी ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने कार्यवाही के दौरान फरियादी को धमकी दी कि जेल से बाहर आते ही उसे गोली मार देगा। फिलहाल एसीबी उसके घर और अन्य जगह की तलाशी ले रही है।

बूंदी एसीबी के उपाधीक्षक ज्ञान चंद मीणा ने बताया कि रिश्वत लेते कृषि विभाग उद्यान के सहायक निदेशक रामप्रसाद मीणा निवासी बिशनपुरा इंद्रगढ़ बूंदी हाल प्रोफेसर कॉलोनी देवपुरा बूंदी को गिरफ्तार किया है। वह हार्टीकल्चर (उद्यान विभाग) में असिस्टेंट डायरेक्टर है। 11 फरवरी को सोलर प्लांट के ठेकेदार पुरुषोत्तम शर्मा ने शिकायत देकर बताया था कि सहायक निदेशक रामप्रसाद मीना उससे प्लांट की फाइल पास करने की एवज में घूस मांग रहा है। प्रति फाइल 4 हजार रुपए देने पर फाइल पास करने का दबाव बना रहा है। करीब 217 फाइलों को पास करने के लिए 5 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया तो रिश्वत की पुष्टि हुई। उसके बाद एसीबी ने सहायक निदेशक मीणा को दबोचने के लिए जाल बिछाकर सोमवार को ट्रेप की कार्यवाही को अंजाम दिया।

रुपए लेकर घर भागा, एसीबी की टीम ने किया पीछा
एसीबी टीम ने परिवादी पुरषोत्तम शर्मा को सोमवार सुबह रिश्वत के 2.50 लाख रुपए लेकर बूंदी के खोजा गेट रोड स्थित उद्यान विभाग भेजा। रिश्वत की रकम लेते ही सहायक निदेशक मीणा को एसीबी टीम को लेकर आशंका होने पर वह तुरंत पीछे के गेट से कूदकर मोटरसाइकिल से अपने किराए के देवपुरा स्थित घर भाग निकला। इसी बीच बाहर फरयादी के इशारे का इंतजार कर रही एसीबी टीम हरकत में आई और मोटरसाइकिल के पीछे टीम दौड़ी। टीम जब उसके घर पहुंची तब तक उसने घर के मुख्य गेट की अन्दर से कुंदी लगा ली थी और रिश्वत की रकम को कट्टे में बांध कर दूसरे मकान में फेंकने की तैयारी कर रहा था।

हालांकि टीम ने बहादुरी दिखाते हुए उसके घर की छत पर चढ़कर घर में घुसकर आरोपी को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया। यह है पूरा मामला, प्रति फाइल 4 हजार मांग रहा था, 217 फाइलें होनी थी पास एसीबी टीम को फरियादी पुरुषोत्तम शर्मा निवासी चेता ने परिवाद देकर बताया था कि वह शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड का अधिकृत प्रतिनिधि है और बूंदी जिले का कार्य देखता है। कंपनी का कार्य प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत कृषकों को कृषि के लिए सोलर कनेक्शन देना है।

एक सोलर कनेक्शन की एवज में कंपनी उसे 18 हजार रुपए मानदेय देती है। प्रति सोलर कनेक्शन पर मिलने वाली राशि सहायक निदेशक रामप्रसाद मीणा के द्वारा सत्यापन करने के बाद ही उसे मिलती है। राम प्रसाद द्वारा प्रति सोलर कनेक्शन के 18 हजार रुपए में से 4 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत नहीं देने पर परेशान किया जा रहा था। साथ ही नया कार्य देने से मना कर पुराना हिसाब करने का दबाव बनाया जा रहा था। उस पर दबाव बनाकर आरोपी अब तक करीब 3 लाख रुपए रिश्वत के ले चुका था। आरोपी द्वारा प्रति सोलर कनेक्शन के 4 हजार के हिसाब से पूरा हिसाब करने पर ही आगे का नया काम देने की बात कह रहा था। जिस पर सोमवार को एसीबी टीम ने कार्रवाई को अंजाम देकर आरोपी मीणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

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