बाढ़ का मंजर देखने गली-गली घूमे बिरला

संदेश न्यूज। कोटा.
बाढ़ प्रभावित लोगों को आ रही समस्या का समाधान जन सहयोग से किया जाएगा। राज्य को जो भी मदद की आवश्यकता होगी उसे केन्द्र से पूरा कराया जाएगा। केन्द्र सरकार को यहां की स्थिति से अवगत करा दिया गया है। ये बात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के दौरान मीडिया से बातचीत में कही। बिरला ने नंदा की बाड़ी, खंड गांवड़ी, नयापुरा, बालिता, बापू बस्ती सहित कई इलाकों का नाव व पैदल ही दौरा किया और लोगों की समस्याएं सुनी। बिरला स्टेशन से सीधे ही नंदा जी की बाड़ी आश्रय स्थल पहुंचे जहां लोगों से बात की। इस दौरान लोगों ने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। बिरला ने कहा कि जब तक लोगों का जन जीवन सामान्य नहीं हो जाता तब तक उनकी मदद की जाएगी। एक व्यक्ति, एक परिवार के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की मदद की जाएगी। राशन, कपडेÞ, बर्तन सब उपलब्ध कराएंगे। बिरला ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों ने उन्हें बताया कि उनके मकान टूट गए, सामान बह गया, बच्चों की किताबे, खाने का सामान, कपडेÞ, बिस्तर सहित कई सामान खराब हो गए, जिस कारण समस्या आ रही है। बिरला ने बाढ़ प्रभावति लोगों को आश्वस्त किया कि सर्वे कराकर पीड़ितों की मदद की जाएगी। जिनके मकान टूटे हैं उन्हें आपदा राहत कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही इन लोगों को बर्तन, खाने पीने का राशन, कपड़े सहित घरेलू वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लोकसभा स्पीकर ने कहा कि हाड़ौती की नदियां जिनमें चम्बल, काली सिंध और पार्वती शामिल है। इनके चलते नदी के नजदीक के किनारे के गांव डूब गए हैं। बिरला ने कहा कि लोगों को आश्रय स्थल में रहने खाने की व्यवस्था की गई है। जान माल को बचाना प्राथमिकता है। बिरला ने कहा कि स्थिति विकट है, गांव भी टापू हो गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो प्रभावित क्षेत्र में हैं वह घरों से बाहर आएं। घरों के आसपास पानी लगातार जमा होने से घर क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, ऐसे में लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। इस दौरान विधायक संदीप शर्मा, चन्द्रकांता मेघवाल, पूर्व विधायक हीरालाल नागर, जीएमए प्लाजा अध्यक्ष राकेश जैन, प्रदेश मंत्री छगन माहुर, जिला महामंत्री जगदीश जिंदल, देहात अध्यक्ष जयवीर सिंह, सहित कई लोग मौजूद रहे।
आश्रय स्थल में बच्चें कर रहे परीक्षा की तैयारी
नंदाजी की बाड़ी आश्रय स्थल में एक बच्चा बिरला को पढ़ते हुए दिखाई दिया तो उन्होंने उससे बात की। बच्चे का कहना था कि उसकी परीक्षाएं नजदीक आ रही है और वह पढ़ाई कर रहा है। बिरला ने उससे कुछ सवाल भी किए जिसका उसने जवाब दिया। आश्रय स्थल में कई और भी बच्चे अपने परिवार के साथ दो दिन से रह रहे हैं जो डरे व सहमे से हैं।
मृतक बाढ़ पीड़ित के परिवार की पीड़ा सुन रो पड़े राजावत
भयंकर बाढ़ के कारण कोटा में एक गरीब व्यक्ति की मौत हो गई। यह व्यक्ति न तो भीषण बाढ़ की चपेट में आए अपने घर को बचा पाया और न ही अपनी जिंदगी को। ठेले पर मूंगफली बेचकर अपने बच्चों का पेट भरने वाले ओमप्रकाश भील के डूब कर मौत के बाद पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत तत्काल मौके पर पहुंचे तो मृतक की पत्नी जतन बाई उनसे लिपटकर फफक फफककर रो पड़ी। राजावत भी उस समय इतने भावुक हो गए कि अपने आंसू रोक नहीं पाए। जतन बाई ने उनसे कहा कि मूंगफली बेचकर परिवार पालते थे, अब क्या होगा, यहां तक कि अन्त्येष्टि के लिए भी उनके पास एक पैसा नहीं है। राजावत ने मृतक की पत्नी को सांत्वना देते हुए कहा कि सरकार मदद करे न करे, इस संकट की घड़ी में पूरा शहर इस पीड़ित निर्धन परिवार के साथ खड़ा है और उन्होंने तत्काल अन्त्येष्टि के लिए मृतक की पत्नी को 10 हजार रुपए दिए। राजावत ने सरकार से मांग की कि इस गरीब परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और मृतक के पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि अभी तक मुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दौरे के लिए अधिकारियों को तैनात किया है। हमने भी हमारे राज में अधिकारियों पर अधिक भरोसा किया था जिसका परिणाम जनता ने हमें बता दिया, इसलिए मुख्यमंत्री ऐसी गलती नहीं करें, अपने मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों को भेजें व जमीनी हकीकत जानें लोगों के आंसू पौंछे।

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