झांसी: चर्चित मीना सोनी हत्याकांड के चार आरोपी गिरफ्तार

झांसी.
उत्तर प्रदेश में झांसी के बहुचर्चित मीना सोनी अपहरण और हत्याकांड की परत दर परत अब खुलना शुरू हो गयी है, पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही मुख्य आरोपी और शहर के नामी व्यापारी संजय वर्मा पर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओ पी सिंह ने शनिवार को पुलिसलाइन में इस हाईप्रोफाइल मामले में नया खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि नवाबाद पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने अपहरण औैर हत्या के इस मामले में चार आरोपियों जीतेंद्र राय, नरेंद्र, सर्वेश कुमार राय और जय नारायण लिटोरिया को डंडियापुरा स्थित बैंकर्स कालोनी ने मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि मीना सोनी की मां श्यामलता सोनी ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट नवाबाद थाने में पांच मई 2019 को दर्ज करायी दी और इसमें उन्होंने व्यापारी संजय वर्मा पर अपनी बेटी के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस तभी से लगातार इस मामले को सुलझाने में लगी थी और इस क्रम में पहली सफलता आरोपी योगेश कुमार गुप्ता को 19 सितम्बर को गिरफ्तार कर पुलिस के हाथ लगी।
योगेश से की गयी पूछताछ में उसने पूरे मामले की जानकारी दी और अपने चार साथियों जितेंद्र, सर्वेश, जय और नरेंद्र की भूमिका के बारे में बताया। चारों आरोपियों को थाने लाकर की गयी पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। सर्वेश ने बताया कि संजय वर्मा ने मीना की हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे फोन किया था। इसके बाद उसने सबसे पहले जितेंद्र राय को अपने साथ लिया क्योंकि उसके पास इनोवा कार थी। इसके बाद चारों 25 मार्च को दिल्ली गये। सर्वेश ने बाकियों को बताया कि दिल्ली से कोई पार्सल लेकर झांसी आना है यह चारों दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल में रूके और अगले दिन 26 मार्च को संजय मीना को लेकर अपोलो अस्पताल के पीछे एक वाइन शॉप के पास आया।
मीना पूरी तरह से नशे में थी हम लोग मीना को नशे की हालत में लेकर झांसी के लिए निकल गये और रास्ते में मीना की तबीयत बिगड़ने पर उसे दवाई बताकर जहर पिला दिया जिससे मीना की मौत हो गयी। इसके बाद उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए हम लोग यमुना एक्सप्रेस वे से आगरा, औरेया होते हुए कालपी में यमुना नदी के पुल पर पहुंचे और सुबह साढे तीन बजे के आसपास मीना की लाश यमुना में फेंक दी लेकिन मीना का मोबाइल अपने साथ झांसी ले आये। उसे जिंदा दिखाने के लिए मैं उसके फोन ने व्हाट्सएप मैसेज करता रहा लेकिन मीना के बारे में मुकदमा लिखे जाने की जानकारी होने पर मैंने उसके मोबाइल को नोटघाट के पुल से फेंक दिया।
डॉ सिंह ने बताया कि चारों ही आरोपी झांसी के हैं और वारदात में इस्तेमाल की गयी इनोवा कार भी बरामद कर ली गयी है। साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोपियो के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मीना के शव को तलाशने का भी प्रयास करेगी।

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